इतिहास
मेवाड में श्री केसरिया धाम महातीर्थ बनाने का विचार…
- मेवाड में अजमेर-भिलवाडा-चितौडगढ के आसपास हमारे ट्रस्ट द्वारा कई जिनमंदिरो के जीर्णोद्धार कार्य हुए है या हो रहे है। सभी गाँवो में प्रतिमाएँ ज्यादा थी और पूजा करने वाले कम !
- एवं सभी गाँवो में धर्मशाला व भोजनशाला की व्यवस्था करना संभव नहीं था । अतः हमने यह तय कीया की सभी गाँवो के बीच नेशनल हाईवे पर जगह प्राप्त करके तीर्थ का निर्माण कीया जाए जहाँ प्राचीन प्रतिमाएँ तथा मेवाड की धरोहरों को संभाला जाए ।
- इस उद्देश से यहाँ तीर्थ का निर्माण हो रहा है। तीर्थधाम होने से यात्री यहां पधारेंगे व रुक सकते है। आसपास के प्राचीन तीर्थो की यात्रा भी कर सकते हैं।
तीर्थ निर्माण का कारण
- आज विचरण के अभाव से मेवाड में जैनत्व की जाहोजलाली पर असर पडा है, आलंबन की भी यहाँ कमी है। लोगो को आलंबन प्राप्त हो व मेवाड का लोगो के समक्ष इतिहास प्रस्तुत हो इसी भावना से श्री केसरियाजी धाम महातीर्थ की स्थापना हो रही है।
- पूर्व में संपूर्ण मेवाड में केसरियानाथ की आस्था थी। लोग एक-दूसरे को ‘जय केसरियानाथजी’ करके संबोधन करते थे। गाँव-गाँव में केसरियानाथ के मंदिर थे, लेकिन मूल केसरियाजी में लडाई-झगडे के चलते लोगो की आस्था-श्रद्धा कम होने लगी। अब पुनः लोगो को अपने आराध्य देव से जुडे यही हमारी भावना है।
कई जगह विरान पडे जिनमंदिरों से प्राचीन प्रतिमाएँ आदि इसी तीर्थ पर बिराजमान हो रही है। जहाँ अपनी बस्ती नहीं है, वहाँ से कुछ मंदिरो को संपूर्ण मंगल करके प्रतिमाजी को इस तीर्थ पर बिराजमान कीया जा रहा है।
- करीब 126 प्राचीन प्रतिमाजी इस तीर्थ पर लाये जा चुके है।
प्रस्तुत प्रदेश में हमारे ट्रस्ट द्वारा हुए जीर्णोद्धार की सूचि..
- श्री केसरिया आदिनाथ जिनालय - अंटाली
- श्री शांतिनाथ जिनालय - अंटाली
- श्री नमिनाथ जिनालय - खेजडी
- श्री शांतिनाथ जिनालय - लांबा
- श्री धर्मनाथ जिनालय - जालीया
- श्री मुनिसुव्रतस्वामी जिनालय - कानिया
- श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ जिनालय - हुरडा
- श्री मुनिसुव्रतस्वामी जिनालय - कोठीया
- श्री आदिनाथ जिनालय व उपाश्रय - सांगरीया
- श्री शांतिनाथ जिनालय व उपाश्रय - चांपानेरी
- श्री नाकोडा पार्श्वनाथ जिनालय - भिनाय
- श्री सुमतिनाथ जिनालय - भिनाय
- श्री चतुर्मुख जिनालय - भिनाय
- श्री ऋषभ पारणोत्सव तीर्थ - बांदनवाड़ा
- श्री संभवनाथ जिनालय - पाटण
- श्री आदिनाथ जिनालय - लोडीयाना
- श्री सुमतिनाथ जिनालय - राताकोट
- श्री चन्द्रप्रभस्वामी जिनालय -सथोणा
हीरविजयसूरि स्मारक तीर्थ-जुनिया
- श्री नाकोडा पार्श्वनाथ जिनालय - इट्टरीया
- श्री सहस्रफणा पार्श्वनाथ जिनालय - खरवा
- श्री धर्मनाथ जिनालय - जामोला
- श्री मुमतिनाथ जिनालय - रामगढ़
- श्री आदिनाथ जिनालय - बदनोर
- श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ जिनालय - जेठाणा
- श्री आदिनाथ जिनालय - टांटोटी
धर्मशाला + उपाश्रय सह
- श्री विमलनाथ जिनालय - बेनेड
- श्री शीतलनाथ जिनालय - तारानगर
- श्री केसरिया आदिनाथ जिनालय - सवाई माधोपुर
- श्री चिंतामणि पार्श्वनाथ जिनालय - मसुदा
- श्री सरस्वती मन्दिर (अंटाली स्कुल में)
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